गलीबॉय बनें भारत के पोस्टबॉय

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर के बुढ़ाना कसबे में पैदा नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक ऐसे संयुक्त परिवार से थे, जिन्हें दो वक्त रोटी कमाने के लिए रोज संघर्ष करना पडता था । चौकीदारी करने से लेकर दवाई की दुकान में काम करने तक उन्होंने कई अलग-अलग जगहों पर काम किया। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में अभिनय के गुर सीखे । बॉलीवुड की सरफरोश, ब्लैक फ्रायडे और पिपली लाइव जैसी फिल्मों से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को दिखा दिया कि वह लंबी रेस का घोडा हैं। कहानी और गैंग्स ऑफ वसेपूर जैसी फिल्में उनके करीयर का टर्निंग पॉईंट साबित हुई। जल्द ही वह तलाश, बदलापूर, लंचबॉक्स, किक, बजरंगी भाईजान और रईस जैसी बडी कमर्शिअल फिल्मों का अहम हिस्सा बन गयें। उनके बेहतरीन अभिनय ने बड़ी बड़ी मैग्जिन्स को उनमें रूचि दिखाने के लिये मज़बूर कर दिया। जीक्यु, फोर्ब्स और सोसायटी जैसे मेग्जिन्स ने उनकी स्ट्रगल स्टोरी को अपने पन्नों में जगह दी। जीक्यू लक्जरी अंक ने उन्हें "भारत का सबसे बेहतरीन अभिनेता" बताया । सोसायटी पत्रिका ने उनकी फर्श से अर्श तक की संघर्ष यात्रा को अपने अंक में स्थान दिया । फोर्ब्स ने उनकी प्रेरणादायक कहानी को शीर्षक दिया हैं, "नवाजुद्दीन सिद्दीकी- एक अहम व्यक्ति"।इसके साथ ही यह गलीबॉय पोस्टरबॉय बन गया ।

Popular posts from this blog

RAJA BUNDELA (BJP) brings RAJ BABBAR(Congress) & KUMAR VISHWAS (AAP)together for a Hindi Film DIL TOH DEEWANA HAIN

Save Mother Earth, save our tomorrow: Asif Bhamla

MSG The Warrior Lion Heart Creates Guinness World Record for Largest Poster