Tuesday, June 20, 2017

टेलीविज़न के सितारों के जीवन मे अहम् है संगीत

कल(२१ जून) वर्ल्ड म्यूजिक डे है।  संगीत हिन्दुस्तानियों की नस नस में बहता है। अभिनय की दुनिया में तो संगीत ख़ास अहमियत रखता है।  टेलीविज़न की दुनिया में भी रोमांस की अभिव्यक्ति करने का जरिया गीत- संगीत बन गया है। टीवी के सितारों के संगीत को लेकर क्या विचार हैं, आइये जानने की कोशिश करते हैं - 
हसन ज़ैदी- संगीत हमारे जीवन में काफी अहम् हिस्सा है।  मैं तो म्यूजिक के बीच बड़ा हुआ हूँ। मुझे याद है कि मैं हमेशा अपने साथ वॉकमैन लेकर चलता था।  मैं रेडियो जॉकी रहा हूँ।  मैं उस समय सायप्रस में पढता था।  वहां के रेडियो में इंडियन म्यूजिक पेश किया करता था।  स्कूल बैंड का लीड सिंगर हुआ करता था।  संगीत से मेरा रिश्ता आज भी बरकरार है।  मैं गिटार सीख रहा हूँ। पियानो और ड्रम बजा सकता हूँ।   
शक्ति अरोरा- मुझे म्यूजिक से प्यार है।  यह मेरा मूड बढ़िया कर देता है। मैं एनर्जी की ज़रुरत म्यूजिक से पूरी करता हूँ। मेरा पास एक छोटा स्पीकर और हेड फ़ोन है, जिस से मैं रोज म्यूजिक सुनता हूँ। इस प्रकार से दो शॉट्स के बीच खुद को तरोताज़ा कर लेता हूँ।  जब गुस्सा होता हूँ, तब भी म्यूजिक सुनता हूँ। शेप ऑफ़ यू मेरा पसंदीदा है।  
श्वेता बासु प्रसाद- मेरे जीवन में संगीत का बहुत ज्यादा महत्व है। मैं रोज संगीत सुनती हूँ।  मैंने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक पर डाक्यूमेंट्री भी बनाई है।  मैं भारतीय और कर्णाटक म्यूजिक की प्रशंसक हूँ।  में जाज, फोक और पॉप सुनती हूँ।   मैं किसी ख़ास गीत को नहीं गुनगुनाती। इंडियन क्लासिकल में से ही कोई सुनती हूँ। 
रमन हंडा- संगीत मेरे लिए जीवन है।  संगीत मुझे जीवन दे देता है।  बिना म्यूजिक के ज़िन्दगी बदरंग होती।  निर्वाण प्राप्त करने का आसान रास्ता संगीत है।  मेरा दिन संगीत से शुरू होता है। मैं रोज ३ घंटा संगीत सुनता हूँ। मुझे सभी तरह का संगीत पसंद है।  मगर पसंदीदा ईडीएम ही है। मुझे सूफी संगीत भी पसंद है। जब भी उदास होता हूँ, मैं हमेशा कल हो न हो गुनगुनाता हूँ।  यही मेरा सबसे पसंदीदा गीत है।  
रोहित भरद्वाज- एक एक्टर और म्यूजिक का गहरा सम्बन्ध है।  संगीत से किसी दृश्य को अलग करने की प्रेरणा मिलती है।  स्क्रिप्ट में नई चीज़ संगीत से ही मिलती है। जब मैं बेटी के साथ तैर रहा होता हूँ, पत्नी के साथ झगड़ रहा होता हूँ, दोस्तों के साथ खेल रहा होता हूँ, सफ़र करते समय खिड़की से बाहर झाँक रहा होता हूँ, उस समय भी कोई ट्रैक पृष्ठभूमि पर चल रहा होता है।  मुझे सूफी और कुछ इंग्लिश क्लासिक पसंद हैं। एन्ट नो सनशाइन व्हेन शी हैज गॉन किसी कारण से जादू सा करता है। 
अनिरुद्ध दवे- संगीत ज़िन्दगी है।  मैंने अपनी अलार्म घडी में मोजार्ट सेट कर रखा है।  इस प्रकार से मेरे दिन की शुरुआत ही मोजार्ट से होती है।  जब मैं दौड़ रहा होता हूँ, मैडिटेशन/रिलैक्सेशन म्यूजिक सुनता हूँ। मैं नहाते समय भी संगीत सुनता हूँ।  मैं सिंथेसाइज़र बजाता हूँ।  संगीत मुझे खुश रखने का ज़रिया है।  जब मैं खुश होता हूँ तो पेपी नंबर सुनता हूँ।  सूफी और फ्यूज़न मेरे पसंदीदा है। 
पारुल चौहान- मैं जब उदास होती हूँ या परिवार और दोस्तों को मिस कर रही होती हूँ तो मैं अपना मूड म्यूजिक सुन कर ठीक करती हूँ।  मैं खाने बनाते समय या जिम में संगीत सुनते हुए ही वर्क आउट करती हूँ। मेरे घर में बड़ा सा म्यूजिक सिस्टम है। सेट पर मेरे मेकअप रूम में भी म्यूजिक सिस्टम होता है।  सेट पर लोग जब म्यूजिक सुनते हैं, तब समझ जाते हैं कि पारुल सेट पर आ गई है।  मैं मेकअप करते समय और रिहर्सल करते समय भी म्यूजिक सुनती रहती हूँ।  मेरा पसंदीदा अरिजीत सिंह है।  वह सर्वश्रेष्ठ है।  मेरा पसंदीदा गीत तुम ही हो है।  

Oberoi Mall, Goregaon turns 10

Oberoi Mall, one of the trendiest shopping destinations in Mumbai kick started its 10 th Anniversary celebrations from the 6 th April a...