मंगलवार, 10 मई 2016
सलीम दीवान की बॉलीवुड डायरीज़
राजस्थान के
झुंझुनू इलाके के एक डॉकटर परिवार में
जन्म लेने वाले सलीम दीवान को बॉलीवुड में एक मुकाम बनाने में समय लगा। लेकिन, उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से न केवल दर्शकों का बल्कि अपने अभिनय से समीक्षकों का दिल
भी जीत लिया। बॉलीवुड डायरीज़ को दादा साहेब
फाल्के फिल्म फाउंडेशन की ओर से बेस्ट क्रिटिक जूरी अवार्ड से नवाज़ा गया है। फिल्म में सलीम ने रायमा सेन और आशीष विद्यार्थी जैसे कलाकारों के साथ काम करके काफी कुछ सीखा है ।
बॉलीवुड के लिए जूनून रखने वाले सलीम दीवान ने इस फिल्म में एक स्ट्रगलिंग ऐक्टर
की भूमिका अदा की है । कॉलेज के समय से ही नाटक करते आ रहे सलीम ने इस फिल्म के लिए
काफी तयारी की थी। स्टार टीवी के एक रियलिटी शो गेट सेट गो में भाग ले चुके सलीम हर प्रकार की भूमिकाएं करने के लिए तैयार हैं। अपनी पढाई पूरी करके
वह अपनी फैमिली के फार्मा बिज़नस को संभालने के लिए मुंबई आए मगर उनके अंदर का
एक्टर उन्हें बेचैन किये हुए था । पहली फिल्म बॉलीवुड डायरीज़ को बेस्ट
क्रिटिक फिल्म अवार्ड मिलने से सलीम बेहद उत्साहित हैं।
सोमवार, 9 मई 2016
INFERNO - International Teaser Trailer
Academy Award® winner Ron Howard returns to direct the latest bestseller in Dan Brown’s (Da Vinci Code) billion-dollar Robert Langdon series, Inferno, which finds the famous symbologist (again played by Tom Hanks) on a trail of clues tied to the great Dante himself. When Langdon wakes up in an Italian hospital with amnesia, he teams up with Sienna Brooks (Felicity Jones), a doctor he hopes will help him recover his memories. Together, they race across Europe and against the clock to foil a deadly global plot.
मार दिया जाये या छोड़ दिया जाए पूछने वाली लक्ष्मी छाया
आज से १२ साल पहले, ९ मई २००४ को लक्ष्मी छाया ने आखिरी सांस ली थी। साठ और सत्तर के दशक की खलनायिका और डांसर लक्ष्मी छाया ने बॉलीवुड की फिल्मों में बड़ी डांसर अभिनेत्रियों की मौजूदगी में अपना दबदबा कायम कर लिया था। १९६२ में नॉटी बॉय फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाली लक्ष्मी छाया ने कोई ८६ फ़िल्में की थी। उन पर उस समय के तमाम हिट गीतों को फिल्माया गया। फिल्म मेरा गांव मेरा देश में आशा पारेख जैसी नृत्यांगना अभिनेत्री थी। लेकिन, दर्शकों के बीच हिट हुआ था लक्ष्मी छाया पर फिल्माया गया मार दिया जाए या छोड़ दिया जाये, बोल तेरे साथ क्या सलूक किया जाए गीत। बहारों के सपने का दो पल जो तेरी आँखों, आया सावन झूम के का मैं एक हसीना, रात और दिन का आवारा ऐ मेरे दिल, उपकार का गुलाबी रात गुलाबी, गुमनाम का जान पहचान हो जैसे गीत उनकी भिन्न शैली के नृत्य कर सकने की क्षमता का प्रमाण थे। उनका मास्क पहन कर किया गया जान पहचान हो गीत २००१ की अमेरिकी फिल्म घोस्ट वर्ल्ड की ओपनिंग क्रेडिट्स में शामिल किया गया था। १९८२ में उन्होंने फिल्मों से सन्यास ले लिया बच्चों को डांस सिखाने के लिए स्कूल खोल लिया। २००४ में छप्पन साल की उम्र में कैंसर ने उनकी जान ले ली।
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