रविवार, 13 अगस्त 2017
रियल लाइफ को रील लाइफ में उतारने वाले अभिनेता अक्षय कुमार
अक्षय कुमार ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हैं। उन्होंने बैंकाक से मार्शल आर्ट्स सीख रखी हैं। वह इस युद्ध कला के निपुण बॉलीवुड एक्टर माने जाते हैं। अपनी शुरूआती फिल्मों दीदार, सौगंध तथा खिलाड़ी सीरीज की फिल्मों में उन्होंने इस कला का जम कर प्रदर्शन किया और दर्शकों की वाहवाही लूटी। अपने खतरनाक और दिलेर एक्शन दृश्यों के कारण वह एक्शन के खिताब से भी नवाज़े गए हैं। अपने इस रियल आर्ट्स का रील पर प्रदर्शन करने वाले अक्षय कुमार अब लगातार रील लाइफ में रियल लाइफ को उतारने में लगे हैं। यह इत्तफ़ाक़ ही है कि उनकी ११ अगस्त को रिलीज़ होने जा रही फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा भारतीय प्रधान मंत्री के भारत स्वच्छता अभियान से जुड़ गई है। लेकिन, इसमें कोई शक नहीं कि यह रियल प्रॉब्लम हैं। गाँवों में यह समस्या तो सुरसा की तरह मुंह खोले खडी ही है, शहरों मे भी इसकी ख़ास ज़रुरत है। वैसे रियल लाइफ में ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमे गाँव में टॉयलेट न होने के कारण दुल्हन ने घर छोड़ दिया। टॉयलेट एकलौती रियल लाइफ पर रील लाइफ नहीं। अक्षय कुमार रियल लाइफ को रील में उतारने के माहिर हैं। पहले और बाद में रिलीज़ उनकी फिल्मे इसका प्रमाण भी हैं।
कानून को आईना दिखाया !
अक्षय कुमार ने इस साल की शुरुआत सीक्वल फिल्म जॉली एलएलबी २ से की थी। लखनऊ शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित निर्देशक सुभाष कपूर की कोर्ट ड्रामा जॉली एलएलबी की खासियत थी कि यह देश की न्याय व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य करती थी। वकील किस प्रकार से कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करते हैं। किस प्रकार से तारीख़ पे तारीख़ का खेल खेलते हैं। न्याय व्यस्था को भीड़ तंत्र से नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में इस सबको बेहद साफगोई से प्रदर्शित किया गया था। लेखक सुभाष कपूर की तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने अक्षय कुमार के साथ भी वकील जॉली के किरदार को लाउड नहीं होने दिया। उन्होंने पटकथा पर पकड़ बनाये रखते हुए कानून के छेद तो दिखाए ही, पुलिस के निकम्मेपन और कश्मीर के हालात पर भी एक चोट मार दी। दर्शकों ने फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया। तभी तो ३० करोड़ में बनी जॉली एलएलबी २ ने बॉक्स ऑफिस पर १९७ करोड़ का ग्रॉस कर लिया।
प्रवासी भारतीयों को 'एयरलिफ्ट' कराने वाले
२०१६ में अक्षय कुमार ने दो रियल लाइफ किरदारों वाली फ़िल्में की। इन फिल्मों को मोटे तौर पर बायोपिक फ़िल्में भी कहा जा सकता है। इराक ने १९९० में कुवैत पर हमला कर दिया था। उस समय कुवैत में १,७०,००० भारतीय फंस गए थे। स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही थी। इराकी सैनिक लूटपाट खून खराबा कर रहे थे। ऐसे समय में एक कुवैती हिंदुस्तानी रंजीत कत्याल आगे आया। उसने इन भारतीयों के रहने और खाने का प्रबंध किया ही, उन्हें कुवैत से बाहर भी निकाल ले गया। इसमें उसके ईराक़ के साथ सम्बन्ध भी काम आये। एयरलिफ्ट का रंजीत कत्याल का करैक्टर रियल लाइफ के एक कुवैती भारतीय बिजनेसमैन मथुन्नी मैथ्यूज का रील करैक्टर था। इस फिल्म के कुछ दूसरे करैक्टर भी रियल लाइफ थे। इसी साल अक्षय कुमार दूसरी बार रियल लाइफ किरदार की भूमिका में नज़र आये। फिल्म थी रुस्तम। यह फिल्म पचास के दशक की मुंबई में घटी एक सनसनीखेज वारदात, जिसमे एक नेवी अफसर अपने व्यवसाई मित्र की हत्या कर देता है, क्योंकि व्यवसाई के उसकी पत्नी से अवैध सम्बन्ध थे । इस हत्याकांड ने न्याय व्यवस्था पर ऐसा असर डाला था कि तत्कालीन प्रचलित जूरी व्यवस्था को ही ख़त्म कर दिया गया। इस हत्याकांड पर निर्माता निर्देशक और अभिनेता सुनील दत्त ने एक फिल्म यह रास्ते हैं प्यार के (१९६३) का निर्माण किया था। लेकिन फिल्म असफल हुई थी। मगर, अक्षय कुमार की फिल्म रुस्तम ने न केवल ६५ करोड़ के बजट के ऐवज में निर्माताओं को २१६ करोड़ वापस लौटाए, बल्कि अक्षय कुमार के श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी दिलाया।
स्पेशल २६ से शुरुआत !
अक्षय कुमार की रियल लाइफ पर फिल्मों का सिलसिला २०१३ से शुरू हुआ, जब उन्होंने १७८७ की मशहूर ओपेरा हाउस डकैती पर फिल्म स्पेशल २६ की। इस डकैती में २६ लोग नकली इनकम टैक्स अफसर और कर्मचारी बन कर हीरा व्यापारियों को लूट ले जाते हैं, वह भी पुलिस और सीबीआई को चैलेंज के साथ। इस फिल्म का मास्टरमाइंड का केंद्रीय किरदार अक्षय कुमार कर रहे थे। हर घटना का बारीक विश्लेषण और प्रदर्शन करने वाली नीरज गुप्ता की इस फिल्म ने दर्शकों को मोहित कर दिया। २०१३ में प्रदर्शिदूसरी रियल लाइफ किरदार फिल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा में अक्षय कुमार ने गैंगस्टर और मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी दाऊद इब्राहिम के रील लाइफ किरदार शोएब खान का किरदार किया था। लेकिन, यह फिल्म फ्लॉप हुई थी।
कुछ दूसरी रील में रियल लाइफ फ़िल्में
ज़रूरी नहीं कि अक्षय कुमार की फिल्मों के किरदार रियल हो। ऎसी तमाम फ़िल्में हैं, जिनमे मुख्य किरदार रियल नहीं था। लेकिन घटनाएं रियल लाइफ थी। मसलन गब्बर इज बैक को ही लीजिये। यह फिल्म देश में फैले भ्रष्टाचार पर प्रहार करती थी। अक्षय कुमार का किरदार भ्रष्ट लोगों को सरेआम दंड दिया करता है। बेबी के किरदार भी एनआईए या एसटीएफ से प्रेरित थे। अक्षय कुमार की २००९ में रिलीज़ फिल्म चांदनी चौक टू चाइना, हालाँकि एक काल्पनिक कथा थी, लेकिन इसमें अक्षय कुमार वाला किरदार खुद अक्षय कुमार की रियल लाइफ कहानी से प्रेरित था। अक्षय कुमार भी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में काम करते हुए बैंकाक गए थे। एक अन्य फिल्म पटियाला हाउस में अक्षय कुमार का सिख युवा गट्टू का किरदार रियल लाइफ के क्रिकेटर मोंटी पनेसर पर आधारित था। एक प्रेस वार्ता में अक्षय कुमार ने इसे स्वीकार भी किया था।
रियल लाइफ पर फिल्मों का हिट होना ज़रूरी नहीं। ऐसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर बहुत ज़्यादा रिस्पांस नहीं मिलता, अगर इसमें स्टार पावर नहीं है तो। ऐसे में अक्षय कुमार की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता अक्षय कुमार का उत्साह बढ़ाने वाली है। वह कहते हैं, "बॉक्स ऑफिस पर आंकड़ों के लिहाज़ से इस प्रकार की फ़िल्में उत्साहित नहीं करती। लेकिन, एयरलिफ्ट ने मुझे प्रेरित किया है कि मैं कुछ और ऎसी फ़िल्में करूँ । क्योंकि, एयरलिफ्ट को बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी मिली और प्रशंसा भी।" टॉयलेट एक प्रेमकथा के बाद उनकी कोई रियल या रील लाइफ फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। लेकिन, अगले साल फिर अक्षय कुमार की रियल लाइफ फिल्मों का सिलसिला शुरू हो जायेगा। पहले रिलीज़ होगी पैडमैन। गरीब महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली गन्दगी को ध्यान में रखते हुए सस्ते पैड बनाने वाले मशीन की ईज़ाद करने वाले अरुणाचलम मुरुगनंथम पर केंद्रित हैं पैडमैन। इस फिल्म में अरुणाचलम का किरदार अक्षय कुमार कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक आर बल्कि हैं। दूसरी, रीमा कागती की फिल्म गोल्ड १९४८ के ओलंपिक्स में हॉकी का गोल्ड लाने वाली भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी बलबीर सिंह पर फिल्म में अक्षय कुमार बलबीर सिंह के किरदार में होंगे। यह फिल्म अगले साल १५ अगस्त को रिलीज़ होगी। हो सकता है कि उस समय तक दर्शकों को अक्षय कुमार की दूसरी रियल लाइफ चरक्टेरों में अक्षय कुमार क फिल्मों के नाम सुनाने को मिल जाएँ।
कानून को आईना दिखाया !
अक्षय कुमार ने इस साल की शुरुआत सीक्वल फिल्म जॉली एलएलबी २ से की थी। लखनऊ शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित निर्देशक सुभाष कपूर की कोर्ट ड्रामा जॉली एलएलबी की खासियत थी कि यह देश की न्याय व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य करती थी। वकील किस प्रकार से कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करते हैं। किस प्रकार से तारीख़ पे तारीख़ का खेल खेलते हैं। न्याय व्यस्था को भीड़ तंत्र से नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में इस सबको बेहद साफगोई से प्रदर्शित किया गया था। लेखक सुभाष कपूर की तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने अक्षय कुमार के साथ भी वकील जॉली के किरदार को लाउड नहीं होने दिया। उन्होंने पटकथा पर पकड़ बनाये रखते हुए कानून के छेद तो दिखाए ही, पुलिस के निकम्मेपन और कश्मीर के हालात पर भी एक चोट मार दी। दर्शकों ने फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया। तभी तो ३० करोड़ में बनी जॉली एलएलबी २ ने बॉक्स ऑफिस पर १९७ करोड़ का ग्रॉस कर लिया।
प्रवासी भारतीयों को 'एयरलिफ्ट' कराने वाले
२०१६ में अक्षय कुमार ने दो रियल लाइफ किरदारों वाली फ़िल्में की। इन फिल्मों को मोटे तौर पर बायोपिक फ़िल्में भी कहा जा सकता है। इराक ने १९९० में कुवैत पर हमला कर दिया था। उस समय कुवैत में १,७०,००० भारतीय फंस गए थे। स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही थी। इराकी सैनिक लूटपाट खून खराबा कर रहे थे। ऐसे समय में एक कुवैती हिंदुस्तानी रंजीत कत्याल आगे आया। उसने इन भारतीयों के रहने और खाने का प्रबंध किया ही, उन्हें कुवैत से बाहर भी निकाल ले गया। इसमें उसके ईराक़ के साथ सम्बन्ध भी काम आये। एयरलिफ्ट का रंजीत कत्याल का करैक्टर रियल लाइफ के एक कुवैती भारतीय बिजनेसमैन मथुन्नी मैथ्यूज का रील करैक्टर था। इस फिल्म के कुछ दूसरे करैक्टर भी रियल लाइफ थे। इसी साल अक्षय कुमार दूसरी बार रियल लाइफ किरदार की भूमिका में नज़र आये। फिल्म थी रुस्तम। यह फिल्म पचास के दशक की मुंबई में घटी एक सनसनीखेज वारदात, जिसमे एक नेवी अफसर अपने व्यवसाई मित्र की हत्या कर देता है, क्योंकि व्यवसाई के उसकी पत्नी से अवैध सम्बन्ध थे । इस हत्याकांड ने न्याय व्यवस्था पर ऐसा असर डाला था कि तत्कालीन प्रचलित जूरी व्यवस्था को ही ख़त्म कर दिया गया। इस हत्याकांड पर निर्माता निर्देशक और अभिनेता सुनील दत्त ने एक फिल्म यह रास्ते हैं प्यार के (१९६३) का निर्माण किया था। लेकिन फिल्म असफल हुई थी। मगर, अक्षय कुमार की फिल्म रुस्तम ने न केवल ६५ करोड़ के बजट के ऐवज में निर्माताओं को २१६ करोड़ वापस लौटाए, बल्कि अक्षय कुमार के श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी दिलाया।
स्पेशल २६ से शुरुआत !
अक्षय कुमार की रियल लाइफ पर फिल्मों का सिलसिला २०१३ से शुरू हुआ, जब उन्होंने १७८७ की मशहूर ओपेरा हाउस डकैती पर फिल्म स्पेशल २६ की। इस डकैती में २६ लोग नकली इनकम टैक्स अफसर और कर्मचारी बन कर हीरा व्यापारियों को लूट ले जाते हैं, वह भी पुलिस और सीबीआई को चैलेंज के साथ। इस फिल्म का मास्टरमाइंड का केंद्रीय किरदार अक्षय कुमार कर रहे थे। हर घटना का बारीक विश्लेषण और प्रदर्शन करने वाली नीरज गुप्ता की इस फिल्म ने दर्शकों को मोहित कर दिया। २०१३ में प्रदर्शिदूसरी रियल लाइफ किरदार फिल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा में अक्षय कुमार ने गैंगस्टर और मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी दाऊद इब्राहिम के रील लाइफ किरदार शोएब खान का किरदार किया था। लेकिन, यह फिल्म फ्लॉप हुई थी।
कुछ दूसरी रील में रियल लाइफ फ़िल्में
ज़रूरी नहीं कि अक्षय कुमार की फिल्मों के किरदार रियल हो। ऎसी तमाम फ़िल्में हैं, जिनमे मुख्य किरदार रियल नहीं था। लेकिन घटनाएं रियल लाइफ थी। मसलन गब्बर इज बैक को ही लीजिये। यह फिल्म देश में फैले भ्रष्टाचार पर प्रहार करती थी। अक्षय कुमार का किरदार भ्रष्ट लोगों को सरेआम दंड दिया करता है। बेबी के किरदार भी एनआईए या एसटीएफ से प्रेरित थे। अक्षय कुमार की २००९ में रिलीज़ फिल्म चांदनी चौक टू चाइना, हालाँकि एक काल्पनिक कथा थी, लेकिन इसमें अक्षय कुमार वाला किरदार खुद अक्षय कुमार की रियल लाइफ कहानी से प्रेरित था। अक्षय कुमार भी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में काम करते हुए बैंकाक गए थे। एक अन्य फिल्म पटियाला हाउस में अक्षय कुमार का सिख युवा गट्टू का किरदार रियल लाइफ के क्रिकेटर मोंटी पनेसर पर आधारित था। एक प्रेस वार्ता में अक्षय कुमार ने इसे स्वीकार भी किया था।
रियल लाइफ पर फिल्मों का हिट होना ज़रूरी नहीं। ऐसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर बहुत ज़्यादा रिस्पांस नहीं मिलता, अगर इसमें स्टार पावर नहीं है तो। ऐसे में अक्षय कुमार की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता अक्षय कुमार का उत्साह बढ़ाने वाली है। वह कहते हैं, "बॉक्स ऑफिस पर आंकड़ों के लिहाज़ से इस प्रकार की फ़िल्में उत्साहित नहीं करती। लेकिन, एयरलिफ्ट ने मुझे प्रेरित किया है कि मैं कुछ और ऎसी फ़िल्में करूँ । क्योंकि, एयरलिफ्ट को बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी मिली और प्रशंसा भी।" टॉयलेट एक प्रेमकथा के बाद उनकी कोई रियल या रील लाइफ फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। लेकिन, अगले साल फिर अक्षय कुमार की रियल लाइफ फिल्मों का सिलसिला शुरू हो जायेगा। पहले रिलीज़ होगी पैडमैन। गरीब महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली गन्दगी को ध्यान में रखते हुए सस्ते पैड बनाने वाले मशीन की ईज़ाद करने वाले अरुणाचलम मुरुगनंथम पर केंद्रित हैं पैडमैन। इस फिल्म में अरुणाचलम का किरदार अक्षय कुमार कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक आर बल्कि हैं। दूसरी, रीमा कागती की फिल्म गोल्ड १९४८ के ओलंपिक्स में हॉकी का गोल्ड लाने वाली भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी बलबीर सिंह पर फिल्म में अक्षय कुमार बलबीर सिंह के किरदार में होंगे। यह फिल्म अगले साल १५ अगस्त को रिलीज़ होगी। हो सकता है कि उस समय तक दर्शकों को अक्षय कुमार की दूसरी रियल लाइफ चरक्टेरों में अक्षय कुमार क फिल्मों के नाम सुनाने को मिल जाएँ।
शनिवार, 12 अगस्त 2017
शुक्रवार, 11 अगस्त 2017
AFTER THE STUPENDOUS SUCCESS OF SEASON 1, SUPER DANCER RETURNS WITH SEASON 2
Sony
Entertainment Television’s dance reality show Super Dancer created a lot of
roar worldwide with unique performances by the contestants and their Guru’s.
Guided,
mentored and judged by the original trio – Bollywood’s heartthrob Shilpa Shetty
Kundra, ace
Choreographer
Geeta Kapur and the most loved Director Producer, Anurag Basu the three will
soon resume their seats for the second season of the dance reality show.
Excited
to return on Super Dancer Season 2 Bollywood Diva Shilpa Shetty Kundra says,
"Excited to get back on the judges seat with my old friends and co-judges
Anurag Basu and Geeta Kapur .Working with these "wonder" kids is a
joy and Super Dancer is one show that I looked forward to as a judge and a
viewer. The kids are unbelievably talented, energetic, innocent, come with no
inhibitions and that’s the best part about them.I can’t wait to see the journey
of the little wonders who will take forward the legacy of the show and be the
next ‘Dance Ka Kal’.”
Choreographer
Geeta Kapur said, “I am thrilled to be back as a judge on Super Dancer 2 the
dance show that gained immense popularity. Last year, Shilpa Shetty, Anurag
dada and I found extremely profound talents from across the country, and this
year we hope to take the entertainment level a notch up. We will soon begin our
nationwide hunt for dancing sensations whose moves will inspire and invigorate,
whose energy will be contagious and whose commitment will move the nation.”
The
show which set a benchmark for dance in its first season will see few gurus
being retained from the first season. The auditions for Super Dancer Season 2
will start soon and will span across 15 cities across the nation
Kareena Kapoor's popular 3 Idiot scene inspires tourist spot
Kareena
Kapoor Khan is no stranger to setting trends - One of the star's most fondly
remembered scenes has now inspired a photo point for tourists. The
climax scene from the blockbuster 3 Idiots, which sees Kareena on a scooty dressed
as a bride , has now turned into a tourist attraction in Leh, Ladakh. A scooter has been placed on the shores of
the Pangong Tso Lake, where tourists can click a photo resembling the actor’s
scene in the film. Tourists are also
offered a costume similar to the one Kareena wears in the film all for the
price of 5o rupees.
The
popular tourist spot has been named ‘Kareena Scooty’.
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