"इलिजिय्म" के निर्देशक नील ब्लोम का मानना है की - "यह फिल्म सिर्फ एक पॉपकॉर्न मनोरंजन नहीं है बल्कि इसमें मनोरंजन के साथ ही एक सामाजिक सन्देश भी है। जिसमें दर्शकों को मनोरंजन के साथ एक उपयुक्त कहानी भी देखने को मिलेगी। इस तरह यह सिर्फ शुद्ध पॉपकॉर्न मूवी नहीं है।"
"इलिजिय्म" फिल्म की शुरुआत होती है वर्ष २१५९ ई. से. जहाँ दो वर्गों में लोग बंटे होंगे - एक बहुत धनी और एक गरीब वर्ग। धनी वर्ग वालों ने अपने लिए इलिजिय्म नामक एक स्वच्छ और साफ़-सुथरा अन्तरिक्ष स्टेशन बनाया है जिसकी लीडर होगी सचिव देलाकोर्ट (जोडी फोस्टर)। दूसरी तरफ जो गरीब वर्ग है वह अधिक आबादी वाला तहस-नहस हो चुकी पृथ्वी पर जिन्दा रहने की लड़ाई में एक दूसरे को ही मारने में लगे है।
इन दो वर्गों को समान स्तर पर लाने की संभावना के साथ पृथ्वी पर रहने वाला एक आम आदमी (मैट दमोन) एक खतरनाक मिशन के अंतर्गत इलिजिय्म पर जाने का प्लान बनाता है जिसे ना सिर्फ उसकी बल्कि पृथ्वी पर रहने वाली लाखों लोगों की जाने बच सकती है।
इस फिल्म को वास्तविकता का रूप देने के लिए काबिल तकनीशियनों का इस्तमाल किया है नील ने। चाहे वो तहस-नहस हो चुकी पृथ्वी का दृश्य हो या अन्य कोई एक्शन दृश्य, नील कहते है - "मुझे जितना मज़ा एक्शन सीन करने में आता है, उतना ही मज़ा गंभीर विषयों पर फिल्में बनाने में आता है।"
इसीलिए सोनी पिक्चर्स की फिल्म "इलिजिय्म" को भी उन्होंने एक्शन, थ्रिलर व साइं स फिक्शन शैली का बनाया है। एक्शन फ़िल्में बनाने में नील को महारत हासिल है क्योंकि उनकी पहली फिल्म "डिस्ट्रिक्ट 9" जो २००९ में रिलीज़ हुई थी वो भी एक्शन-थ्रिलर थी और काफ़ी लोकप्रिय भी हुई थी।
"इलिजिय्म" भी पूरी दुनिया में रिलीज़ के बाद लोगों की वाह - वाही लूट रही है और बॉक्स ऑफिस पर अरबों रूपये कमा चुकी है और अब इंडिया में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में २७ सितम्बर २०१३ को रिलीज़ होगी।
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