वरिष्ठ
टीवी पत्रकार विनोद कापड़ी जल्द ही एक फीचर फिल्म लेकर सामने आने वाले
हैं, फिल्म का टाइटल होगा 'मिस टनकपुर हाजिर हो',ये एक ट्रेजडी से भरी
कॉमेडी फिल्म है। िवनोद के मुताबिक फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो
कि सिस्टम के एक बड़े सच से पर्दा उठाएगी। फिल्म को राजधानी दिल्ली के
नजदीक उत्तरपद्रेश के हापुड़ जिले में 40 दिनों के अंदर शूट किया जाएगा।
करीब 15 महीने पहले िवनोद कापड़ी ने अखबार में एक खबर पढ़ी...खबर चौंकाने वाली थी।कापड़ी के मुताबिक इस सच्ची घटना ने उन्हें फिल्म बनाने की प्रेरणा दी।कापड़ी के मुताबिक "इस खबर पर विदेशी कवरेज देखकर उनका ये विश्वास मजबूत हुआ कि विदेशी मीडिया भारत की दिक्कतों ओर खासियतों को अजूबा बनाने का मौका नहीं छोड़ता है।पर इस खुलासे में सचमुच कुछ ऐसा विचित्र था जिसकी अनदेखी मैं भी नहीं कर सका।"
'इस खबर में हमारे पुलिस स्टेशन, अस्पताल अदालतोऔर दूसरी जगह का जो सच दिखाया गया था उस पर आंखें मूंद लेना संभव नहीं था। दिलचस्प ये था कि ये अंधेर सरकार की आखों के नीचे मची थी।" कापड़ी फिल्म रिलीज़ होने से पहले ये सस्पेंस नहीं खोलना चाहते कि उनकी फिल्म में मिस टनकपुर कौन है।ऐसा करने के पीछे शायद इच्छा ये है कि दर्शक आखिर तक ये कयास लगाते रहे कि मिस टनकपुर कौन है, क्या ये एक लड़की है..किसी दूसरे देश से आई राजकुमारी है, या वो फिर वो इंसान ही नहीं है बल्कि कुछ और है।पर कापड़ी का दावा है कि उनकी फिल्म व्यवस्था में घुन की तरह चिपक गए भ्रष्टाचार की पोल खोल देगी।
विनोद कपाड़ी अब तक 100 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्रीबना चुके हैं, जिसमें 13दिसंबर संसद पर हमला और 26 नवंबर मुंबई अटैक खास हैं। कापड़ी के मुताबिक 'मिस टनकपुर हाज़िर हों' जैसी फिल्म बनाने का ये सबसे अच्छा समय है, क्योकि भारतीय दर्शक अब एक अलग तरह का सिनेमा देखना पसंद करने लगे हैं। पिछले पांच-छह सालों में सिनेमा पूरी तरह बदल चुका है और व्यव्यसायिक तौर पर भी ये काफी सफल हो रही हैं। दर्शक लीग से हटकर बनी फिल्मों का स्वागत कर रहे हैं। कापड़ी ने इस फिल्म में फिल्म जगत के मझे हुए कलाकारों को लिया है । कापडी के मुताबिक ओमपुरी, अनु कपूर, रवि किशन, और संजय मिश्रा के अलावा कोई इस रोल पर खरा नहीं उतर सकता था। ऋषिता भट्ट और राहुल बग्गा भी इस फिल्म में हैं। कापड़ी के मुताबिक कहानी लिखते समय ही उनके दिमाग में पूरी स्टारकास्ट मौज़ूद थी।
करीब 15 महीने पहले िवनोद कापड़ी ने अखबार में एक खबर पढ़ी...खबर चौंकाने वाली थी।कापड़ी के मुताबिक इस सच्ची घटना ने उन्हें फिल्म बनाने की प्रेरणा दी।कापड़ी के मुताबिक "इस खबर पर विदेशी कवरेज देखकर उनका ये विश्वास मजबूत हुआ कि विदेशी मीडिया भारत की दिक्कतों ओर खासियतों को अजूबा बनाने का मौका नहीं छोड़ता है।पर इस खुलासे में सचमुच कुछ ऐसा विचित्र था जिसकी अनदेखी मैं भी नहीं कर सका।"
'इस खबर में हमारे पुलिस स्टेशन, अस्पताल अदालतोऔर दूसरी जगह का जो सच दिखाया गया था उस पर आंखें मूंद लेना संभव नहीं था। दिलचस्प ये था कि ये अंधेर सरकार की आखों के नीचे मची थी।" कापड़ी फिल्म रिलीज़ होने से पहले ये सस्पेंस नहीं खोलना चाहते कि उनकी फिल्म में मिस टनकपुर कौन है।ऐसा करने के पीछे शायद इच्छा ये है कि दर्शक आखिर तक ये कयास लगाते रहे कि मिस टनकपुर कौन है, क्या ये एक लड़की है..किसी दूसरे देश से आई राजकुमारी है, या वो फिर वो इंसान ही नहीं है बल्कि कुछ और है।पर कापड़ी का दावा है कि उनकी फिल्म व्यवस्था में घुन की तरह चिपक गए भ्रष्टाचार की पोल खोल देगी।
विनोद कपाड़ी अब तक 100 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्रीबना चुके हैं, जिसमें 13दिसंबर संसद पर हमला और 26 नवंबर मुंबई अटैक खास हैं। कापड़ी के मुताबिक 'मिस टनकपुर हाज़िर हों' जैसी फिल्म बनाने का ये सबसे अच्छा समय है, क्योकि भारतीय दर्शक अब एक अलग तरह का सिनेमा देखना पसंद करने लगे हैं। पिछले पांच-छह सालों में सिनेमा पूरी तरह बदल चुका है और व्यव्यसायिक तौर पर भी ये काफी सफल हो रही हैं। दर्शक लीग से हटकर बनी फिल्मों का स्वागत कर रहे हैं। कापड़ी ने इस फिल्म में फिल्म जगत के मझे हुए कलाकारों को लिया है । कापडी के मुताबिक ओमपुरी, अनु कपूर, रवि किशन, और संजय मिश्रा के अलावा कोई इस रोल पर खरा नहीं उतर सकता था। ऋषिता भट्ट और राहुल बग्गा भी इस फिल्म में हैं। कापड़ी के मुताबिक कहानी लिखते समय ही उनके दिमाग में पूरी स्टारकास्ट मौज़ूद थी।
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