सोहा
अली खान और वीर दास स्टारर रोमांचक फिल्म ‘31st October’ के लेखक-निर्माता
हैरी सचदेवा चाहते थें, की
पद्मश्री उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान फिल्म में एक गाना गायें। हैरी सचदेवा का यही
निर्धार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को गाना गाने के लिए मनाने में काम आया।
बहोत
ही कम लोगों को यह बात पता होंगी की, दिग्गज शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान
नें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कई नामचीन गायकों को संगीत सिखाया हैं। आशा भोसले,
गीता दत्त,
हरीहरन,
सोनु निगम,
शान, आलिशा चिनॉय,
और ए आर
रहमान उनके शागिर्द हैं।
१९९३
में आयी ‘श्रीमान
आशिक’ फिल्म
में ‘इस
से ज्यादा दुख ना कोई’ इस
गाने के बाद उस्तादजी ने बॉलीवूड को
अलविदा कहा था। लेकिन अब २३ साल बाद फिर से पद्मश्री किताब से नवाजे गये उस्ताद
गुलाम मुस्तफा खान बॉलीवूड में लौंट रहें हैं।
‘31st October’ फिल्म की तरह की कहानी आज तक बॉलीवूड ने बडे परदे
पर लाने की कभीभी कोशीश नही की थी। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद क्या हुआ था,
यह फिल्म में
दिखाया जा रहा हैं। ऐसें में फिल्ममेकर्स को किसी बडी हस्ती के साथ ही जुडना था।
उस्ताद
गुलाम मुस्तफा खान कहते हैं, “ मैंने इस फिल्म में गाया हुआ यह गाना मानवता और
ईश्वर को समर्पित किया गया हैं। इस फिल्म की कहानी ने मेरे दिल को छु लिया। और
इसिलिए मैनें यह गाना गाने का फैसला किया। १९८४ में गुजरे हुए लोगों को इस गाने से
मैंने श्रध्दांजलि दी हैं।“
हैरी
बताते हैं, “हमने
जब ‘31st October’ की
कहानी उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को सुनायी, तब इस कहानी की
संवेदनशीलता देखते हुए और उस वक्त गुजरें हुए लोगों को श्रध्दांजली देने के लिए
उस्ताद गुलाम मुस्तफा खानजी इस फिल्म में गाना गाने के लिए राजी हो गयें। उस्तादजी
लिविंग लिजेंड हैं। किसी बॉलीवूड फिल्म में २३ सालों बाद उनकी आवाज सुनायी देना
बडी बात हैं। उन्होंने फिल्म में ‘मौला’ यह सुफी गाना गाया हैं।“
मैजीकल
ड्रिम्स प्रोडक्शन, पैनोरामा
स्टुडियोज और हैरी सचदेवा की निर्माण में बनी, और शिवाजी लोटन
पाटील निर्देशित फिल्म 31st October में सोहा अली खान और वीर दास नजर आयेंगें। यह
फिल्म ७ अक्तुबर को रिलीज होंगीं।
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