अक्षय कुमार खाने के मामले में बेहद शौक़ीन हैं. ऊपर से वो ठहरे ठेठ पंजाबी और पंजाबियों की तरह तो शायद ही कोई मज़े लेकर खाना खाते होंगे. अक्षय माँसाहारी खाने के बहुत बड़े शौक़ीन हैं. लेकिन अपने इस स्वादिष्ट शौक पर उन्होंने कुछ दिनों के लिए नियंत्रण पाने की ठान ली है. मतलब वो कुछ दिनों के लिए माँसाहारी खाना त्याग रहे हैं. अक्षय की फ़िल्म ओह माई गौड जल्द ही रिलीज़ होने वाली है और भगवान् की बात आती है तो अक्षय बेहद श्रद्धालू इंसान हैं. भगवान का किरदार निभाने के लिए अक्षय शाकाहारी बन गए.
यूँ तो अक्षय हर साल गणपति के ११ दिन तक मांसाहारी खाना नहीं खाते हैं क्योंकि उनके घर भी गणपति बैठते हैं. परन्तु इस बार कुछ ज्यादा वक़्त के लिए उन्होंने छोड़ा. शूटिंग और प्रमोशन के दौरान अक्षय ने एक बार भी मांसाहार खाना नहीं खाया. और ये चीज़ वो तब तक बरक़रार रखने वाले हैं जब तक की फ़िल्म रिलीज़ न हो जाए. खासतौर से उनकी पत्नी ट्विंकल ने उन्हें इस बात की सलाह दी थी कि उन्हें फ़िल्म पर काम करने तक शाकाहारी बन जाना चाहिए. और अक्षय ने बखूबी से इस बात को लागू भी किया. अक्षय इस फ़िल्म में वो भगवन की भूमिका निभाते हुए नज़र आयेंगे. वो नहीं चाहते थे कि एक तरफ जहाँ वो भगवान का किरदार करेंगे वहीँ दूसरी ओर वो मांसाहार का प्रयोग करें. भले ही ये एक किरदार था लेकिन उसपर भी अक्षय ने भगवान के प्रति अपनी पूरी प्रतिष्ठा बनाये रखी. ये फ़िल्म अक्षय के लिए एक धार्मिक सफ़र रहा और उनके दिल के करीब बहुत ख़ास रहेगी हमेशा. उनका ये मानना है कि ये सब कुछ उनको भगवान का दिया है.
यूँ तो अक्षय हर साल गणपति के ११ दिन तक मांसाहारी खाना नहीं खाते हैं क्योंकि उनके घर भी गणपति बैठते हैं. परन्तु इस बार कुछ ज्यादा वक़्त के लिए उन्होंने छोड़ा. शूटिंग और प्रमोशन के दौरान अक्षय ने एक बार भी मांसाहार खाना नहीं खाया. और ये चीज़ वो तब तक बरक़रार रखने वाले हैं जब तक की फ़िल्म रिलीज़ न हो जाए. खासतौर से उनकी पत्नी ट्विंकल ने उन्हें इस बात की सलाह दी थी कि उन्हें फ़िल्म पर काम करने तक शाकाहारी बन जाना चाहिए. और अक्षय ने बखूबी से इस बात को लागू भी किया. अक्षय इस फ़िल्म में वो भगवन की भूमिका निभाते हुए नज़र आयेंगे. वो नहीं चाहते थे कि एक तरफ जहाँ वो भगवान का किरदार करेंगे वहीँ दूसरी ओर वो मांसाहार का प्रयोग करें. भले ही ये एक किरदार था लेकिन उसपर भी अक्षय ने भगवान के प्रति अपनी पूरी प्रतिष्ठा बनाये रखी. ये फ़िल्म अक्षय के लिए एक धार्मिक सफ़र रहा और उनके दिल के करीब बहुत ख़ास रहेगी हमेशा. उनका ये मानना है कि ये सब कुछ उनको भगवान का दिया है.
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