भारतीय सिनेमा में वी शांताराम के योगदान
अमूल्य है वे भारतीय सिनेमा के पायनिर है , वी शांताराम बतौर अभिनेता, निर्माता और निर्देशक बेहद सफल रहे।
भारतीय सिनेमा में वी.शांताराम का अमूल्य योगदान को ध्यान में रखते हुए ७ वे जागरण फिल्म फेस्टिवल में उन्हें ट्रिब्यूट देने के लिए इस लेजेंड्री आर्टिस्ट की
श्रेष्ठता
उनकी पॉपुलर फिल्में
गीता गाया
पत्थरो
ने (1964), डॉ कोटनिस की अमर कहानी (1946), शकुंतला (1943), झनक झनक पायल बाजे (1955) और दो आंखें बारह हाथ (1957)
फेस्टिवल के पहले दिन शोकेस कर फेस्टिवल की शुरुवात की जाएगी। बस इतना ही नहीं फेस्टिवल के आयोजकों ने घंटे भर का "द लिजेन्सी ऑफ़ वी.शांताराम" नामक सेमिनार का आयोजन किया है।
७
वे
जागरण फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत १ जुलाई
२०१६
को नई दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडोटोरियम से
होगी
और २६ सितम्बर को यह फेस्टिवल
अपने आखरी पड़ाव में मुंबई आएगा
।



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