सोमवार, 30 मई 2016

Randeep Hooda is all set to interact with his fans after the success of his recent film

After the  success of his recent release, Randeep Hooda is all set to interact with his fans live on Tuesday, 31 st May’16 between 4pm to 5pm. Reliance consumers can call on 53031666 now  & register themselves to talk with Randeep live. The event is conducted by Shemaroo Entertainment Ltd. His fans have a fabulous opportunity to connect to their favourite star andReliance users will be charged Rs 30/- only per month for “Reliance Star Talk  Service”. Reliance mobile and Shemaroo Entertainment Ltd have been doing such events since long now and “Reliance Star Talk” is one among the successful initiatives by the companies. It is conducted every month for the consumers. Shemaroo has managed more than 100 Star chats over the years with various telecom operators including names like Madhuri Dixit, Sonam Kapoor, Ajay Devgan, Arjun Kapoor and many more. So what are you waiting for? Connect to your favourite stars. Subscribe “Reliance Star Talk” today!

So this is how Kabir and Junaid walk into work on a monday morning (poster)


Riteish gets mucky for Banjo!

Riteish Deshmukh is not letting anything come in the way of his performance in Banjo, National award-winning film maker Ravi Jadhav's Bollywood debut. The actor who is ready to give it his best for the film recently shot in a sewer for the introductory sequence.
“Banjo artists have been a part of Mumbai's landscape for the last 100 years but they have never gained respect for their art. It's a tough job as they usually start playing from morning and go on till midnight without much rest. We wanted to portray how our hero, a Banjo player from the slums, rises with his art. Most heroes arrive on the screen on bikes, cars or horses, mine will emerge from a gutter, “says Ravi. Riteish who is currently busy promoting Houseful 3 with co-stars Akshay Kumar, Jacqueline Fernandez, Abhishek Bachchan and Lisa Haydon spent days learning the instrument before hitting the sets. Was he sceptical about getting down and dirty in a sewer? “I believe in shooting at real locations. It lends authenticity to a film. Banjo is no different. Riteish was onboard ever since I shared the idea with him, and had no reservations about shooting it either. The entire sequence, shot in Worli, was wrapped up in two hours, “adds Ravi who is now busy with the post production of the film, produced by Eros International.
According to Ravi, precautions were taken before the final shot. “While we have a doctor on the sets at all times, Riteish was smeared in oil so the grime would come off easily. He has worked really hard on the film, “he asserts.

Banjo, produced by Eros International and directed by Ravi Jadhav starring Riteish Deshmukh and Nargis Fakhri releases on 23rd September.

रविवार, 29 मई 2016

चला गया 'नुक्कड़' का 'दुखिया'

नुक्कड़ के दुखिया नहीं रहे।  सईद मिर्ज़ा, अज़ीज़ मिर्ज़ा और कुंदन शाह की तिकड़ी के सीरियल नुक्कड़ में  दुखिया  का किरदार  करने वाले अभिनेता सुरेश चटवाल का आज लम्बी बिमारी के बाद निधन हो गया।  सुरेश को नुक्कड़ के दुखिया के रूप में घर घर पहचाना जाने लगा था।  लेकिन, बड़े परदे पर इस सीरियल से कहीं पहले पहचाने जाने लगे थे।  उन्होंने नुक्कड़ से डेढ़ दशक पहले ही हिंदी फिल्म  राखी राखी (१९६९) से  अभिनय के क्षेत्र  में कदम रख दिया था।  लेकिन, उन्हें पहचान मिली फिल्म प्यासी शाम में फ़िरोज़ खान के दोस्त के किरदार से।  सुरेश चटवाल ने ज़्यादातर ऎसी ही भूमिकाएं की।  भूमिकाएं चाहे कितनी छोटी रही हों, उन्होंने दर्शकों का ध्यान खींचा।  नुक्कड़ से पहले तक उनके खाते में उपहार, पिया का घर, मेरे भैया, कुंवारा बदन, आइना, प्राण जाये पर वचन न जाये, मिली, तुम्हारे लिए, सितारा, आहिस्ता आहिस्ता, नरम गरम, यह तो कमाल हो गया, सारांश, आदि फ़िल्में  दर्ज़ हो गई थी। नुक्कड़ के ख़त्म होने के बाद १९८७ से वह फिर फिल्मों में व्यस्त हो गए।  उन्होंने आवाम, आज, शिव शक्ति, थानेदार, इंद्रजीत, लम्बू दादा, फूल और कांटे, जान से प्यारा, धरतीपुत्र, बेताज बादशाह, करण  अर्जुन, कोयला, मुन्नाभाई एमएमबीएस, आदि सहित कुल ९६ फिल्मों में विभिन्न भूमिकाएं की।  कोई दो साल पहले वह टीवी सीरीज एफआईआर और उससे पहले अदालत में नज़र आये।  उनकी आखरी कुछ फ़िल्में अतिथि तुम कब जाओगे, कुछ करिये, द कैंप और नक्षत्र २०१० में रिलीज़ हुई थी।  उन्हें श्रद्धांजलि। 

कभी राम कभी दशरथ, कभी सिकन्दर कभी पोरस बने पृथ्वीराज

यह पृथ्वीराज जैसे जोड़ के अभिनेता के बस की ही बात हो सकती है।  मूक फिल्म बे धारी तलवार, शेर-ए- अरब, प्रिंस विजयकुमार और सिनेमा गर्ल जैसी मूक फिल्मों के अभिनेता पृथ्वीराज ने  पहली बोलती फिल्म आलमआरा में कुमारपुर राज्य के मुख्य मंत्री का किरदार किया था।  इस की बेटी आलमआरा यानि ज़ुबैदा थी।  मास्टर विट्ठल ने राजकुमार की भूमिका की थी।  इस कॉस्ट्यम ड्रामा फिल्म से अपने सवाक फिल्म करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता पृथ्वीराज कपूर ने ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक किरदार किये। धार्मिक- पौराणिक फिल्मों में  वह राम भी बने और दशरथ  भी।  वह सेलुलाइड के अर्जुन भी थे और कर्ण भी। आलमआरा के बाद अगली  फिल्म द्रौपदी (१९३१) में वह अर्जुन बने थे। लेकिन,  महारथी कर्ण (१९४४) में वह अर्जुन के प्रतिद्वंद्वी कर्ण बने ।  वह शायद इकलौते ऐसी अभिनेता थे, जिसने रामायण के  रचयिता वाल्मीकि की भूमिका भी की और वाल्मीकि रामायण के राम और राम के पिता दशरथ भी बने।  १९३४ की सीता में वह राम की भूमिका में थे।  वाल्मीकि (१९४६) में महाकवि वाल्मीकि बने थे। ३१ साल बाद उन्होंने श्री राम भरत मिलाप (१९६५) में दशरथ की भूमिका की थी।  १९४१ की फिल्म सिकन्दर में सिकन्दर महान का किरदार करने वाले पृथ्वीराज कपूर १९६५ में सिकन्दर बने दारा सिंह के सामने फिल्म सिकन्दर ए आज़म में पोरस बने खड़े थे।  के आसिफ की फिल्म मुग़ल ए आज़म में अकबर की भूमिका करने के बाद पृथ्वीराज कपूर ने फिल्म जहाँ आरा (१९६४) में अकबर के पोते शाहजहां का किरदार किया था।  इप्टा के स्थाई सदस्य पृथ्वीराज कपूर ने १९४४ में पृथ्वी थिएटर की स्थापना की और १६ सालों में २६०० शो किये। एक स्थापित और प्रतिष्ठित अभिनेता होने के बावजूद पृथ्वीराज कपूर ने दारा सिंह की बी ग्रेड स्टंट फिल्मों से भी परहेज़ नहीं किया।  उन्होंने दारा सिंह के साथ सिकन्दर ए आज़म, लुटेरा, इन्साफ और डाकू मंगल सिंह जैसी  फ़िल्में  की।  दारा सिंह की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म नानक दुखिया सब संसार (१९७०) में वह ज्ञानी की भूमिका में थे।  ख्वाजा अहमद अब्बास की एक बर्बाद हो चुके नवाब आसमान की ज़िन्दगी पर फिल्म आसमान महल में नवाब आसमान का किरदार पृथ्वीराज कर रहे थे।  इस फिल्म की शूटिंग के दौरान पृथ्वीराज कैंसर से बुरी तरह से प्रभावित थे।  उस कैंसर की पीड़ा फिल्म में उनके किरदार के चेहरे पर साफ़ झलकती है।  उन्हें संवाद बोलने में काफी तकलीफ होती थी।   आसमान महल में नवाब के बेटे सलीम का किरदार करने वाले अभिनेता दिलीप राज के पिता जय राज के साथ पृथ्वीराज कपूर ने १९५७ में रिलीज़ फिल्म परदेसी की थी।  वह ऐसे अभिनेता थे, जिसने अपने पिता, बेटों और पोतों के साथ फ़िल्में की।  बेटे राजकपूर के निर्देशन में फिल्म आवारा में जहाँ खुद पृथ्वीराज ने अपने बेटे राजकपूर के पिता का रोल किया, वहीँ उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ उनके रील लाइफ पिता भी बने थे।  पृथ्वीराज कपूर ने आनंद मठ में गीता बाली के साथ अभिनय किया, जो बाद में उनके बेटे शम्मी कपूर की पत्नी बनी।   राजकपूर के साले प्रेम नाथ ने रुस्तम सोहराब फिल्म में रुस्तम यानि पृथ्वीराज के बेटे सोहराब का किरदार किया था।  उन्होंने शम्मी कपूर के साथ राजकुमार और जानवर जैसी फ़िल्में की।  पोते रणधीर कपूर के निर्देशन में फिल्म कल आज और कल में वह बेटे राजकपूर और पोते रणधीर कपूर के साथ साथ होने वाली बहू बबिता और दूसरे साले नरेंद्र नाथ के साथ भी अभिनय कर रहे थे।  २९ मई १९७२ को उनका देहांत हो गया।  उनकी मृत्यु के १५ दिनों के अंदर उनकी पत्नी का भी स्वर्गवास हो गया।  

KableOne & Saga Studios Present Lakadbaggey

After much anticipation, Lakadbaggey — a KableOne Original in association with Saga Studios — has finally premiered, and it’s already creati...