गुरुवार, 21 जून 2012

किसी इमेज में बंधना नहीं चाहता - पवन सिंह


भोजपुरिया गायिकी के सिरमौर व भोजपूरी फिल्मो के सुपर स्टार पवन सिंह दो दर्ज़न से भी अधिक सफल फिल्मे देने के बाद अपनी नयी फिल्म ‘राखे ला शान  भोजपुरिया ’ में एक नयी पारी की शुरुवात कर चुके हैं . इस फिल्म से उनके आगे संगीत निर्देशक का भी तमगा जुड़ने वाला है.  उनकी नयी पारी और उनके फ़िल्मी सफ़र पर विस्तृत चर्चा हुई . प्रस्तुत है कुछ अंश -
नयी पारी की शुरुआत ?
यह मेरे करियर की नयी शुरुआत जरूर लग रही है मेरे चाहने वालो को लेकिन  फिल्मों में आने से पहले मेरी पहचान गायक के तौर पर थी. जब मैं अलबम व फिल्मों के लिए गीत गाता था तब म्यूजिक पर ज्यादा ध्यान देता था क्योंकि एक अच्छा संगीत तभी बन सकता है जब इस से जुड़े सभी लोगो की इसमें भागीदारी हो.  जब म्यूजिक मेरी पसंद का होता था तो दिल को बड़ा सुकून मिलता था.  बस, दिल के सुकून के लिए मैं म्यूजिक डायरेक्टर बना हूं मुझे ख़ुशी है की इस फिल्म के निर्माता मनोज चौधरी और निर्देशक राजू जी ने मुझे मेरे पसंद का काम सौपा. 
‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में आपका किरदार?
 ‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में मेरा कैरेक्टर काफी दिलचस्प है.  जैसा कि इन दिनों बॉलीवुड में देखने को मिलता है कि एक्टर अपनी बॉडी की ज्यादा नुमाइंदगी करते हैं, ठीक वैसा ही कैरेक्टर ‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में मेरा है. सबको पता है की सन्नी देओल मेरे आदर्श रहे हैं. बचपन से ही उनकी फिल्मो का शौक़ीन रहा हूँ, उनकी हर फिल्मो को कई कई बार देखा है मैंने. मेरी चाहत उनकी ही तरह अपनी बॉडी बनाने की रही है. अब जाकर मुझे यह मौका मिल रहा है.  मिथिला टाकिज जो इस फिल्म का निर्माण कर रही है , के साथ मेरी यह तीसरी फिल्म है . पहली फिल्म थी गुंडईराज और दूसरी डकैत है जो जल्द ही रिलीज़ हो रही है.  फिल्म ‘डकैत’ में मैं पहली बार डकैत की भूमिका निभा रहा हूं.  यह कैरेक्टर काफी चैलेंजिंग हैं. सबसे दिलचस्प बात तो यह है की फिल्म में अनेक ऐसे स्टंट किये हैं मैंने जिन्हें देखकर दर्शक दांतों तले उंगलियाँ दबाने पर मजबूर हो जायेंगे.
डकैत के कैरेक्टर निगेटिव होता है , कैसा अनुभव रहा  ?
मुझे इस कैरेक्टर में कोई बुराई नजर नहीं आयी. हर इंसान में कई गुण और अवगुण होते हैं. किसी की नजर में वो अच्छा होता है तो किसी की नज़र में बुरा . यह डकैत अन्य डकैतों की तरह नहीं है.  वह गरीबों की भलाई करता है तो भ्रष्टाचारियों को लूटता है. यह सच है की  रोमांटिक कैरेक्टर में मेरे दर्शक मुझे ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन  मैं किसी एक कैरेक्टर में खुद को कैद नहीं कर देना चाहता. सच कहूं तो इस कैरेक्टर में काफी मजा आया है।
आपका नया लुक ?
अच्छा लग रहा है. मैं दर्शकों की कसौटी पर इस इमेज में भी खरा जरूर उतरूंगा. मैं बता दूं कि रोमांटिक कैरेक्टर के अलावा भी मैं कई कैरेक्टर कर चुका हूं जिसे दर्शकों ने सराहा है. कलाकार वही होता है जो किसी इमेज में कैद नहीं होता . इसीलिए मैंने हर तरह के रोल किये हैं और समय समय पर अपना लुक भी बदला है
 फिल्म से उम्मीदें ?
मुझे उम्मीद है, दर्शक जितना प्यार पहले वाले पवन सिंह से करते हैं वही प्यार इस डकैत पवन सिंह को भी देंगे। फिल्म में मेरा कैरेक्टर पॉजिटिव है इसलिए ऑडियंस का सपोर्ट अवश्य मिलेगा. 
आपकी गिनती स्टार कलाकारों में होती है कैसा लगता है सुनकर ?
 सच कहूं तो जब कोई मुझे स्टार कहता है तो काफी डर लगता है। ‘स्टार’ शब्द में ‘अहम’ छुपा होता है जिसे मैं स्वीकार नहीं कर सकता.  मैं कलाकार हूं और एक कलाकार सिर्फ और सिर्फ दर्शको के प्यार का भूखा होता है. बचपन से ही खुद के लिए ताली सुनते आया हूँ लेकिन यह ऐसी भूख है जो कभी मिटती नहीं है . दर्शको के दिलो में मेरे लिए प्यार बना रहे यही मेरी दिली तमन्ना है और इसके लिए मैं तन मन से जुडा हूँ . काम मेरी पूजा है जिसे मैं पूरी ईमानदारी से कर रहा हूं।
आपकी प्राथमिकता क्या होगी ?
 यह सच हर कोई जानता है कि मैं नायक से पहले गायक था. अगर मेरी गायिकी नहीं होती तो शायद आज मैं इस मुकाम पर नहीं होता. एक्टिंग के साथ-साथ आज भी मैं फिल्मों व अलबमों में अपना स्वर देता हूं और रही प्राथमिकता देने की बात, तो मेरे लिए पहली प्राथमिकता संगीत ही है क्योंकि वहाँ मेरी आत्मा बसती है उसके बाद ही अभिनय .
आने वाली फिल्मे ?
मेरी आने वाली फिल्मो की संख्या एक दर्ज़न से ऊपर है. सौगंध गंगा मैया की रिलीज़ हुई है जिसे बहुत अच्छी सफलता मिली है . इसके बाद डकैत, रंगबाज़ राजा, डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली, लावारिस , आंधी तूफ़ान आदि कुछ प्रमुख फिल्मे हैं  और सबमे मेरा किरदार अलग अलग है. हर कलाकार की तरह मुझे भी अपनी सारी फिल्मो से काफी उम्मीदें है.

ANOTHER PRESIDENTIAL HONOUR FOR MADHUR BHANDARKAR


He has made a different slot of socialrelevance for himself when it comes to movie making in Hindi Cinema. And no onehas so far been able to come on the same playing level field as filmmaker Madhur Bhandarkar, who continues tocontribute some of the most entertaining and yet relevant movies of our times.He has been awarded the most prestigious National Awards for the work he hasdone so far on many occasions. The Ministryof Human Resource Development, India wanted to acknowledge Madhur’scontributions to Hindi language cinema under the Hindi Service Awards Scheme. Today Madhur was awarded with the Presidential Award, Gangasharan SinghAward, by President Pratibha Patilat the Rashtrapati Bhavan, New Delhi.The award comprises of a certificate and a cheque of rupees one lakh. 28 peoplefrom different walks of life were also awarded this presidential award, fortheir contribution under the Hindi Service Awards Scheme, amongst who are filmmakersGirish Karnad, Shyam Benegal, Madhur and media person Pankaj Pachauri. This is Madhur’s fourth Presidential award. In2002 and 2005 Dr APJ Kalam gave himthe presidential award for Chandni Bar and Page 3 respectively, and in 2006 Smt.Patil gave him the presidential award for making Traffic Signal. When contacted, Madhur sounded elated and humbled, “Over the years not just the audience or theindustry but also the Government of our country has supported and acknowledged mywork. I am honoured and thankful to the HRD ministry for finding me befittingfor this award,” said Madhur.

Music of Indo-canad​ian Artist Vandana Vishwas Being Distribute​d By Worldwide Records


Legendary Meera Bai needs no introduction to anyIndian. Her songs have fascinated the musicians throughout history. However,barring a few out-of-the-box masterpieces by legends such as Kishori TaiAmonkar and Pt. Hridaynath Mangeshkar, Meera Bai’s songs have almost alwaysbeen interpreted as Krishnabhajans – religious devotional songs in honour of GodKrishna. Only a handful of musicians have taken her poems for what they are -romantic masterpieces of literature expressing her genuine romantic devotiontowards God Krishna.
Meera Bai's age-old romantic poetry comes to lifeon the debut album from Vandana Vishwas, whose own life story adds poignancy to the recording.
Vandana Vishwas is an Indo-Canadian architect by profession anda classically trained vocalist, composer, arranger and producer by passion.With the north American release of her debut CD Meera - The Lover… in 2009, she has already garnered criticalacclaim in North America and won prestigious awards such as US Indies with a flurry of other high profile awards,honourable mentions and nominations, including a 4+ star rating by Billboard toher debut CD.
Now, Vandana'sdebut CD Meera- The Lover…,unavailable in India until now, is being released and distributed exclusivelyby Worldwide Records soon।

इंडो-कैनाडियन कलाकार वंदना विश्वास की एल्बम वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स द्वारा जल्द ही प्रदर्शित.
मशहूर प्रेम दीवानी मीरा बाई को हिंदुस्तान में कौन नहीं जानता, इतिहास गवाह है उसके रचे गीतों ने कई संगीतकारों को प्रभावित किया. कुछ एक को छोड़कर, जैसे किशोरी  ताई अमोनकर और पंडित हृदयनाथ मंगेशकर बाकियों के भजनों में मीरा बाई रचित कृष्ण के भजनों का प्रभाव रहा है. चंद संगीतकार एवं गायकों के गीतों में कृष्ण भक्ति का समावेश मीरा बाई के भजनों का ही रहा है.
मीरा बाई के पुराने प्रेम भरे गीतों को पुनर्जीवित किया है वंदना विश्वास ने अपने प्रथम एल्बम "मीरा-द-लवर" के द्वारा.
वंदना विश्वास एक इंडो-कैनाडियन आर्किटेक्ट हैं कनाडा में, साथ ही उन्होंने संगीत का गहन अध्यन किया है, वो वोकालिस्ट, कॉम्पोसेर, अर्रेंजर भी हैं. सन २००९ में वंदना की प्रथम एल्बम "मीरा-द-लवर" उत्तर अमेरिका ने जबरदस्त सफलता हासिल की साथ ही कई महत्वपूर्ण अवार्ड भी हासिल किया जैसे की यु एस इन्डीस.
अब वंदना विश्वास की ये संगीतमय और महत्वपूर्ण एल्बम "मीरा-द-लवर" अभी फ़िलहाल भारत में उपलब्ध नहीं है, इसलिए वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स इसे जल्द ही प्रदर्शित करने जा रही है.

Punar Vivah races ahead of Bade Achche Lagte hain in 10.30 PM time-band to be no 1


Shashi-Sumeet production’s serial Punar Vivah is one of the mosttalked about entertainer with a social issue. It also explores the emotionalbonding of two individuals with strong personalities and families. “When we startedthe show quite a few people warned us that we were picking up an issue that istaboo in smaller cities but we were confident that if presented nicely, audienceare going to love it. Today’s audience is very smart and open toexperimentation. They have shown this in form of the TRP generated by the show,”comments the producer Sumeet Mittal. Because of it story line, drama, actors and production values Punar Vivah has generated a major viewers' loyalty in a very short span. 
In fact, currently with TRP of 3 in the 11 June to 17 June week, Punar Vivah is the highestTRP grosser in the 10.30 PM time band while TRP of Bade Achche Lagte Hai in the same time band is only 2.8. In the week4 June to 10 June Punar Vivah had 2.8 TRP .
ShashiSumeet Productions Pvt Ltd is one of the leading ProductionHouse based in Mumbai.   Headed by Shashi Mittal and Sumeet Mittal, currentlyit has four shows on air namely Diya AurBaati Hum on Star Plus, Punar Vivah onZee TV, Kairi – Rishta Khatta Meethaon Colours and Main Laxshmi Tere AngaanKi on Life OK. All their shows are emotional,grounded and rooted in Indian culture, hence they connect with the audiencemore intimately.   
Earlier they have also produced Sajan Ghar Jaana Hai . They believe in making progressive andentertaining program for the family audience.

Imran Khan Goes Desi


अभी तक इमरान एक लवर बॉय का ही किरदार निभाते आये हैं. जाने तू या जाने न, आई हेट लव स्टोरीज़ और एक मैं और एक तू जैसी फिल्में कर के उनकी इमेज एक चॉकलेट बॉय की बन गयी है. और उन्हें इस तरह के किरदार में पसंद भी काफी किया गया. लेकिन अब इमरान एक नए अवतार में दिखेंगे.
पहली  बार अभी तक के अपने करियर में इमरान खान देसी किरदार निभाते हुए नज़र आयेंगे. और वो भी सिर्फ एक नहीं बल्कि दो फिल्मों में. पहली है विशाल भरद्वाज की Matru Ki Bijlee Ka Mandola और दूसरी है मिलन लुथरिया की Once Upon A Time In Mumbai Again. ये दो फिल्में इमरान को एक नया और काफी अलग अनुभव दे रहे हैं. जहाँ Matru Ki Bijlee Ka Mandola में वो एक हरियाणवी का रोल कर रहे हैं वहीँ Once Upon A Time In Mumbai Again में वो एक मुम्बईया टपोरी के किरदार में दिखेंगे.
फिल्मों में वो हमेशा एक शहरी लड़के का किरदार निभाते आये हैं जो कि पढ़ा लिखा होता है और अच्छे माहौल में जिसकी परवरिश हुई होती है. असल ज़िन्दगी में भी इमरान का कुछ ऐसे ही पले बढे हैं. इसलिए उनके लिए ऐसे किरदार से जुड़ना काफी आसान भी था. पहली दफा वो ज़मीन से जुड़े हुए किरदार करेंगे, भारत का असली चहरा पहली बार वो चखने जा रहे हैं.
इमरान की जो लवर बॉय की इमेज थी, उससे एकदम हटकर कुछ करने जा रहे हैं वो. ज़ाहिर सी बात है ये उनके लिए थोडा मुश्किल तो है लेकिन वो अपने किरदार के लिए बहुत अत्सुक हैं और पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं.  ये अनुभव सिर्फ इमरान के लिए ही नहीं बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी बेहद नया होगा. पहली बार वो भी अपने पसंदीदा कलाकार को एक नए रंग-रूप में देखेंगे.

KableOne & Saga Studios Present Lakadbaggey

After much anticipation, Lakadbaggey — a KableOne Original in association with Saga Studios — has finally premiered, and it’s already creati...